क्रिकेट में रन रेट 5.4 कैसे लक्ष्य बदल देता है
क्रिकेट में रन रेट कुल बनाए गए रन को खेले गए ओवरों से विभाजित करके निकाला जाता है। भारतीय क्रिकेट टीम, आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के मैचों में यह बल्लेबाजी की गति मापने का प्रमुख संकेतक है।...
क्रिकेट में रन रेट 5.4 कैसे लक्ष्य बदल देता है
क्रिकेट में रन रेट कुल बनाए गए रन को खेले गए ओवरों से विभाजित करके निकाला जाता है। भारतीय क्रिकेट टीम, आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के मैचों में यह बल्लेबाजी की गति मापने का प्रमुख संकेतक है। उदाहरण के लिए, 20 ओवर में 108 रन का रन रेट 5.4 रन प्रति ओवर होता है। लक्ष्य का आकलन करते समय आवश्यक रन रेट अलग सूत्र से निकाला जाता है: बचे हुए रन को बचे हुए ओवरों से विभाजित करें। वर्ष 2026 में आईपीएल तालिका में नेट रन रेट भी बराबरी की स्थिति में महत्वपूर्ण है। वर्षा-बाधित मुकाबलों में डकवर्थ-लुईस-स्टर्न पद्धति साधारण औसत से अधिक जटिल होती है। सही परिणाम के लिए ओवर को दशमलव नहीं, वास्तविक गेंदों में बदलकर गणना करें।
आप स्कोरबोर्ड देखते हैं: भारत ने 20 ओवर में 108 रन बनाए हैं, लक्ष्य 384 है और 30 ओवर बाकी हैं। साथी कहता है कि 20 ओवर का 5.4 ही अंतिम उत्तर होगा—यहीं गणित मैच से बाहर हो जाता है। आपको वर्तमान रन रेट, आवश्यक रन रेट और नेट रन रेट अलग-अलग निकालने होंगे, वरना छोटी-सी गलती पूरी तस्वीर उलट सकती है।

रन रेट में वास्तव में क्या तुलना की जाती है?
रन रेट किसी टीम की प्रति ओवर रन बनाने की औसत गति है; इसे कुल रन को खेले गए ओवरों से विभाजित करके निकाला जाता है। उदाहरण के लिए, 20 ओवर में 108 रन बनाने पर रन रेट 5.4 रन प्रति ओवर होगा। आवश्यक रन रेट और नेट रन रेट इसी आधारभूत गणना के अलग उपयोग हैं।
रन रेट को केवल स्कोरबोर्ड की सजावटी संख्या समझना भारी भूल है। भारतीय क्रिकेट टीम के किसी मुकाबले में 10 ओवर के बाद 70 रन का अर्थ 7.00 रन प्रति ओवर है, लेकिन यह नहीं बताता कि लक्ष्य तक पहुँचने के लिए आगे कितनी गति चाहिए। उसी तरह, आईपीएल तालिका में नेट रन रेट पूरे टूर्नामेंट में किए और दिए गए रनों की तुलना करता है, इसलिए एक बड़ी जीत या भारी हार का प्रभाव कई मैचों तक रह सकता है। आईपीएल समाचार में मैच समीक्षा और खिलाड़ी आंकड़े पढ़ते समय इन तीन शब्दों को अलग रखें।
गणना का मूल सूत्र है:
- वर्तमान रन रेट = कुल रन ÷ खेले गए ओवर
- आवश्यक रन रेट = बचे हुए रन ÷ बचे हुए ओवर
- नेट रन रेट = टीम का रन रेट − विपक्षी टीम का रन रेट
यहाँ “ओवर” का अर्थ पूरे छह गेंदों वाला ओवर है। यदि टीम ने 17.4 ओवर खेले हैं, तो इसे 17.4 नहीं, बल्कि 17 ओवर और 4 गेंद माना जाएगा। यही वह छोटी तकनीकी गाँठ है जिसे अनदेखा करके लोग कैलकुलेटर पर आत्मविश्वास से गलत उत्तर निकालते हैं।
जानकारी को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के आधिकारिक नियम देखें। क्रिकेट के आधिकारिक नियमों में ओवर छह वैध गेंदों का होता है; वाइड और नो-बॉल वैध गेंदों की संख्या नहीं बढ़ाते, हालांकि उनसे रन जुड़ सकते हैं।
अधिक स्पष्टता के लिए यह उदाहरण देखें:
- 15 ओवर में 96 रन: 96 ÷ 15 = 6.40
- 25 ओवर में 175 रन: 175 ÷ 25 = 7.00
- 17 ओवर 4 गेंद में 104 रन: कुल गेंदें 106, इसलिए रन रेट = 104 ÷ 17.6667 = लगभग 5.89
इस तीसरे उदाहरण में 17.4 को सीधे 17.4 मानना गलत परिणाम देगा। आधिकारिक स्कोरकार्ड, जैसे ईएसपीएनक्रिकइन्फो पर उपलब्ध भारत ए और अफगानिस्तान ए के विवरण, ओवरों को इसी क्रिकेटीय प्रारूप में दिखाते हैं। आँकड़ा पढ़ते समय अंक और गेंद—दोनों की जाँच करें।
रन रेट की बुनियादी गणना पर पकड़ बनानी है? IPL समाचार के विश्लेषण में इस्तेमाल होने वाले व्यावहारिक उदाहरण यहाँ देखें।
रन रेट निकालने की सही प्रक्रिया क्या है?
रन रेट निकालने की सही प्रक्रिया में कुल रन, वैध गेंदों से बने ओवर और गणना के उद्देश्य की पहचान शामिल है। पहले यह तय करें कि आप वर्तमान रन रेट, लक्ष्य के लिए आवश्यक रन रेट या प्रतियोगिता का नेट रन रेट निकाल रहे हैं। फिर रन और ओवरों को उसी इकाई में रखकर भाग दें।
सबसे पहले स्कोरकार्ड से टीम के कुल रन लिखिए। इसके बाद खेले गए ओवरों को जाँचिए और यदि ओवर अधूरा है तो उसे गेंदों में बदलिए। छह गेंदों का एक पूरा ओवर होने के कारण 17 ओवर 4 गेंद = 106 गेंद = 17⅔ ओवर होते हैं। अब कुल रन को 17⅔ से विभाजित कीजिए; इस चरण में दशमलव की जगह भिन्न का इस्तेमाल करने पर त्रुटि कम होगी। शुरुआती क्रिकेट आँकड़ों की मार्गदर्शिका
मान लीजिए किसी टीम ने 50 ओवर के मुकाबले में 278 रन बनाए। उसका रन रेट होगा:
- कुल रन: 278
- खेले गए ओवर: 50
- गणना: 278 ÷ 50
- रन रेट: 5.56 रन प्रति ओवर
यदि उसी टीम ने 50 ओवर में 278 रन बनाए और विपक्षी टीम को 279 रन बनाने हैं, तो जीत के लिए आवश्यक रन 279 हैं। लक्ष्य तक पहुँचने के लिए आवश्यक रन रेट निकालने का सूत्र है:
आवश्यक रन रेट = (लक्ष्य − वर्तमान रन) ÷ बचे हुए ओवर
यदि पीछा करने वाली टीम 20 ओवर में 108 रन पर है और कुल लक्ष्य 384 है, तो:
- बचे हुए रन: 384 − 108 = 276
- बचे हुए ओवर: 30
- आवश्यक रन रेट: 276 ÷ 30 = 9.20
याद रखिए, लक्ष्य 384 तक पहुँचने के लिए 276 रन चाहिए; 384 को 30 से विभाजित करना गलत होगा, क्योंकि टीम पहले ही 108 रन बना चुकी है। यही परीक्षा-शैली के सवालों और लाइव मैच विश्लेषण में सबसे आम गलती है। टेस्टबुक पर उपलब्ध ऐसे गणितीय प्रश्नों में भी पहले से बनाए गए रन घटाना आवश्यक है, वरना उत्तर दिखने में साफ लेकिन तथ्यात्मक रूप से बेकार होगा।
अब एक संक्षिप्त जाँच-सूची आपके काम आएगी:
- क्या कुल रन सही पारी से लिए गए हैं?
- क्या ओवर पूरे हैं या कुछ गेंदें बाकी हैं?
- क्या लक्ष्य में वर्तमान स्कोर घटाया गया है?
- क्या रन रेट को दो दशमलव तक गोल किया गया है?
- क्या बारिश के बाद संशोधित लक्ष्य लागू हुआ है?
विस्तृत बल्लेबाजी रणनीति समझने के लिए पावरप्ले और डेथ ओवर रणनीति उपयोगी होगी। वहाँ रन रेट को केवल गणित नहीं, विकेट, क्षेत्ररक्षण प्रतिबंध और गेंदबाजों के उपयोग के साथ पढ़ा जाता है।
वर्तमान और आवश्यक रन रेट में अंतर
वर्तमान रन रेट अब तक की गति बताता है, जबकि आवश्यक रन रेट आगे की माँगी गई गति बताता है। भारतीय क्रिकेट टीम यदि 20 ओवर में 108 रन बना चुकी है, तो वर्तमान रन रेट 5.40 है; 384 के लक्ष्य और 30 ओवर शेष होने पर आवश्यक रन रेट 9.20 है। दोनों संख्याओं को मिलाना विश्लेषण की बुनियादी भूल है।
इन दोनों के बीच अंतर 3.80 रन प्रति ओवर है। इसका अर्थ यह नहीं कि हर ओवर में अनिवार्य रूप से 9.20 रन ही बनने चाहिए; एक ओवर में 4 रन और अगले में 15 रन भी कुल औसत को संतुलित कर सकते हैं। फिर भी विकेट, बल्लेबाजी की गहराई, पिच की गति और ओस जैसे कारक इस गणितीय औसत को व्यावहारिक चुनौती बनाते हैं। इसलिए IPL समाचार की मैच समीक्षा में “आवश्यक रन रेट बढ़ा” कहना केवल स्कोर नहीं, रणनीतिक दबाव का संकेत भी है।
नेट रन रेट कब भरोसेमंद संकेतक बनता है?
नेट रन रेट किसी टीम द्वारा बनाए गए रन रेट और उसके विरुद्ध बनाए गए रन रेट का अंतर है; सीमित ओवरों के टूर्नामेंट में यह अंक बराबर होने पर रैंकिंग तय कर सकता है। आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की प्रतियोगिताओं में इसकी गणना पारी की लंबाई और आधिकारिक नियमों के अनुसार होती है। बड़े अंतर से जीतना इसे सुधारता है, पर हर मैच को साधारण औसत की तरह जोड़ना पर्याप्त नहीं।
मान लीजिए किसी टीम ने तीन मैच खेले:
- मैच 1: 180 रन, 20 ओवर; विपक्षी 160 रन, 20 ओवर
- मैच 2: 150 रन, 20 ओवर; विपक्षी 140 रन, 20 ओवर
- मैच 3: 120 रन, 18 ओवर; विपक्षी 121 रन, 17.2 ओवर
पहले दो मैचों में रन रेट का अंतर क्रमशः 1.00 और 0.50 है। तीसरे मुकाबले में विपक्षी टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए जल्दी आउट हो गई, इसलिए प्रतियोगिता के आधिकारिक नियम यह तय करेंगे कि गणना 18 ओवर या वास्तविक उपयोग किए गए ओवरों से किस प्रकार की जाए। यहीं सामान्य वेबसाइटों की सरल “कुल रन ÷ कुल ओवर” पद्धति भ्रामक हो सकती है।

आईसीसी की प्रतियोगिता शर्तों के अनुसार, पूरी पारी से पहले ऑल आउट होने की स्थिति और लक्ष्य का पीछा करते समय उपयोग किए गए ओवरों का प्रभाव प्रतियोगिता-विशिष्ट हो सकता है। इसलिए एनआरआर की गणना के लिए केवल टीवी ग्राफिक पर निर्भर न रहें; टूर्नामेंट की आधिकारिक खेल शर्तें पढ़ें। यही इस विषय का महत्वपूर्ण व्यावहारिक बिंदु है: हर प्रतियोगिता में दिखने वाला एनआरआर सामान्य कैलकुलेटर से दोबारा निकालना हमेशा संभव नहीं होता।
एक और सावधानी बारिश से जुड़े मैचों में आवश्यक है। डकवर्थ-लुईस-स्टर्न पद्धति संशोधित लक्ष्य और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर परिणाम तय करती है; पुरानी औसत रन रेट पद्धति 1950 और 1960 के दशक में सीमित ओवरों के बाधित मैचों में इस्तेमाल हुई थी, लेकिन 1991 में मोस्ट प्रोडक्टिव ओवर्स पद्धति ने उसका स्थान लिया। बाद में डकवर्थ-लुईस और फिर डकवर्थ-लुईस-स्टर्न प्रणाली अधिक प्रचलित हुई।
“वर्षा-बाधित मैच में केवल पुराने औसत से लक्ष्य निकालना पर्याप्त नहीं है।” यह निष्कर्ष क्रिकेट नियमों के ऐतिहासिक विकास से स्पष्ट है, न कि किसी मनमाने ऑनलाइन कैलकुलेटर से। विकिपीडिया का औसत रन रेट विधि संबंधी संदर्भ इस बदलाव की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि देता है।
क्या आप अंकतालिका के प्रभाव को भी समझना चाहते हैं? IPL समाचार पर टूर्नामेंट-विशिष्ट नेट रन रेट के उदाहरण देखें।
रन रेट की गणना कहाँ कमजोर पड़ती है?
रन रेट अकेले मैच की गुणवत्ता, जीत की संभावना या बल्लेबाजी की कठिनाई नहीं बताता। यह विकेटों की संख्या, पिच, गेंद की उम्र, बारिश, मैदान की सीमा और विपक्षी गेंदबाजी को सीधे मापता नहीं है। इसलिए 8.00 रन प्रति ओवर का स्कोर धीमी पिच पर अधिक प्रभावशाली हो सकता है, जबकि सपाट पिच पर वही संख्या अपेक्षाकृत साधारण हो सकती है।
सबसे बड़ी तकनीकी समस्या अधूरे ओवर हैं। स्कोर 17.4 का अर्थ 17.4 दशमलव ओवर नहीं है; इसका अर्थ 17 पूरे ओवर और चार वैध गेंदें हैं। यदि कोई विश्लेषक इसे 17.4 से विभाजित करता है, तो वह 17⅔ के बजाय 17.4 का उपयोग करता है और परिणाम को थोड़ा बदल देता है। कम स्कोर वाले मैच में यह अंतर छोटा दिख सकता है, लेकिन टूर्नामेंट के एनआरआर में कई मैचों के बाद यही अंतर तालिका की स्थिति प्रभावित कर सकता है।
दूसरी समस्या ऑल आउट पारी है। यदि टीम 50 ओवर के मुकाबले में 34.2 ओवर में ऑल आउट होती है, तो सामान्य रन रेट उसकी वास्तविक बल्लेबाजी अवधि पर आधारित होगा, जबकि एनआरआर के लिए आधिकारिक प्रतियोगिता नियम अलग उपचार निर्धारित कर सकते हैं। तीसरी समस्या संशोधित लक्ष्य है: डकवर्थ-लुईस-स्टर्न से लक्ष्य बदलने के बाद पुराने लक्ष्य को लेकर आवश्यक रन रेट निकालना सीधा-सीधा गलत है।
इन सीमाओं के बावजूद रन रेट अत्यंत उपयोगी है, यदि इसे संदर्भ के साथ पढ़ा जाए:
- वर्तमान रन रेट से पारी की गति जाँचें।
- आवश्यक रन रेट से पीछा करने का दबाव समझें।
- विकेट और उपलब्ध बल्लेबाजों को साथ रखें।
- एनआरआर के लिए आधिकारिक टूर्नामेंट नियम देखें।
- बारिश के बाद डकवर्थ-लुईस-स्टर्न लक्ष्य को प्राथमिक मानें।
इससे एक उलटा निष्कर्ष भी निकलता है: सबसे तेज रन रेट वाली टीम हमेशा सबसे अच्छी टीम नहीं होती। उदाहरण के लिए, विराट कोहली की स्थिर पारी, जसप्रीत बुमराह की किफायती गेंदबाजी और रोहित शर्मा की पावरप्ले आक्रामकता अलग-अलग रन रेट प्रोफाइल बनाती हैं। केवल एक संख्या से इन भूमिकाओं को समेटना विश्लेषण को गरीब बना देता है।

आगे की रणनीति के लिए गेंदबाजी अर्थव्यवस्था और विकेट विश्लेषण देखें। रन रेट को गेंदबाजी के प्रति ओवर रन और विकेट-प्रति-मूल्य के साथ पढ़ने पर मैच का अधिक संतुलित चित्र मिलता है।
क्या रन रेट का इस्तेमाल करना उचित है?
रन रेट का इस्तेमाल निश्चित रूप से उचित है, क्योंकि यह पारी की गति, पीछा करने की कठिनाई और टूर्नामेंट की स्थिति को एक सरल संख्या में दिखाता है। फिर भी निर्णय के लिए वर्तमान रन रेट, आवश्यक रन रेट, विकेट, ओवर की गेंद-सटीक गणना और प्रतियोगिता नियमों को साथ देखना चाहिए। अकेली संख्या उपयोगी संकेत है, अंतिम फैसला नहीं।
मैच देखते समय यह क्रम अपनाइए:
- स्कोर और वैध गेंदों से वर्तमान रन रेट निकालिए।
- लक्ष्य में वर्तमान रन घटाकर बचे हुए रन निकालिए।
- बचे हुए ओवरों से भाग देकर आवश्यक रन रेट पाईए।
- 17.4 जैसे ओवर को छह गेंदों के नियम से बदलिए।
- बारिश, ऑल आउट या संशोधित लक्ष्य की स्थिति में आधिकारिक नियम जाँचिए।
- तालिका में बराबरी होने पर एनआरआर को प्रतियोगिता की खेल शर्तों के अनुसार पढ़िए।
मान लीजिए टीम 40 ओवर में 240 रन पर है और लक्ष्य 301 है। बचे हुए 10 ओवर में 61 रन चाहिए, इसलिए आवश्यक रन रेट 6.10 है। यदि उसी समय टीम के आठ विकेट गिर चुके हैं, तो गणितीय रूप से 6.10 आसान दिखाई दे सकता है, लेकिन उपलब्ध बल्लेबाजी और गेंदबाजी परिस्थितियाँ वास्तविक संभावना बदल सकती हैं। यही कारण है कि IPL समाचार की विशेषज्ञ समीक्षा में रन रेट के साथ साझेदारी, विकेट और ओवर-वार वितरण भी शामिल होना चाहिए।
विश्वसनीय विश्लेषण का एक व्यावहारिक नियम है: पहले आधिकारिक स्कोरकार्ड, फिर प्रतियोगिता नियम, और उसके बाद स्वतंत्र गणना। यदि दोनों में अंतर मिले, तो राउंडिंग, अधूरे ओवर, संशोधित लक्ष्य या ऑल आउट पारी की जाँच करें। कैलकुलेटर तेज है, लेकिन वह यह नहीं जानता कि 17.4 क्रिकेट में 17.4 दशमलव नहीं होता—यह जिम्मेदारी आपकी है, महाराज।
रन रेट को अपने दैनिक क्रिकेट अध्ययन का हिस्सा बनाने के लिए IPL समाचार के मैच समीक्षा, बल्लेबाजी रणनीति और खिलाड़ी आंकड़ों से तुलना करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न: क्रिकेट में रन रेट क्या होता है?
उत्तर: रन रेट किसी टीम द्वारा प्रति ओवर बनाए गए औसत रन को कहते हैं। इसका मूल सूत्र कुल रन ÷ खेले गए ओवर है, जैसे 20 ओवर में 108 रन का रन रेट 5.40 होगा। अधूरे ओवरों में छह गेंदों का नियम लागू करें; 17 ओवर 4 गेंद को 17⅔ ओवर माना जाएगा। यह संख्या पारी की गति बताती है, लेकिन विकेट, पिच और लक्ष्य का दबाव अलग से देखना पड़ता है।
प्रश्न: क्रिकेट में रन रेट कैसे निकालें?
उत्तर: कुल बनाए गए रन को खेले गए वास्तविक ओवरों से विभाजित करके रन रेट निकालें। 25 ओवर में 175 रन होने पर गणना 175 ÷ 25 = 7.00 होगी। यदि ओवर अधूरा हो, तो पहले पूरे ओवरों को गेंदों में बदलें, फिर भाग दें। लाइव मैच में वर्तमान रन रेट और आवश्यक रन रेट को अलग-अलग लिखना गलती रोकने का सबसे आसान तरीका है।
प्रश्न: आवश्यक रन रेट और वर्तमान रन रेट में क्या अंतर है?
उत्तर: वर्तमान रन रेट अब तक की बल्लेबाजी गति है, जबकि आवश्यक रन रेट लक्ष्य तक पहुँचने के लिए आगे चाहिए गति है। 20 ओवर में 108 रन पर वर्तमान रन रेट 5.40 होगा; 384 के लक्ष्य और 30 ओवर शेष होने पर आवश्यक रन रेट 9.20 होगा। आवश्यक रन रेट निकालने के लिए लक्ष्य में वर्तमान रन घटाएँ और बचे हुए ओवरों से भाग दें।
प्रश्न: 17.4 ओवर का रन रेट कैसे निकालते हैं?
उत्तर: 17.4 ओवर को 17 ओवर और 4 गेंद, यानी 106 गेंद माना जाता है। 106 गेंद को 6 से विभाजित करने पर 17⅔ ओवर मिलते हैं, इसलिए 104 रन का रन रेट 104 ÷ 17⅔, लगभग 5.89 होगा। 17.4 को सीधे दशमलव मानना तकनीकी गलती है। यह अंतर आधिकारिक स्कोरकार्ड और एनआरआर गणना में महत्वपूर्ण हो सकता है।
प्रश्न: नेट रन रेट और रन रेट में क्या अंतर है?
उत्तर: रन रेट एक पारी या टीम की प्रति ओवर गति है, जबकि नेट रन रेट टीम के बनाए और दिए गए रन रेट का अंतर है। आईपीएल जैसी प्रतियोगिताओं में अंक बराबर होने पर एनआरआर तालिका की रैंकिंग प्रभावित कर सकता है। इसकी आधिकारिक गणना में ऑल आउट पारी, लक्ष्य का पीछा और प्रतियोगिता की खेल शर्तें लागू हो सकती हैं, इसलिए साधारण औसत हमेशा पर्याप्त नहीं है।
प्रश्न: बारिश से बाधित मैच में रन रेट कैसे निकाला जाता है?
उत्तर: बारिश से बाधित मैच में संशोधित लक्ष्य के लिए डकवर्थ-लुईस-स्टर्न पद्धति को प्राथमिकता दी जाती है। साधारण रन रेट से केवल उपलब्ध ओवरों की गति समझी जा सकती है, लेकिन जीत का लक्ष्य संसाधनों और विकेटों के आधार पर बदला जा सकता है। 1950 और 1960 के दशक की औसत रन रेट पद्धति ऐतिहासिक है; आधुनिक सीमित ओवरों के मैचों में आधिकारिक डकवर्थ-लुईस-स्टर्न नियम देखें।
प्रश्न: क्या रन रेट निकालने के लिए ऑनलाइन कैलकुलेटर आवश्यक है?
उत्तर: ऑनलाइन कैलकुलेटर आवश्यक नहीं है; कुल रन, वास्तविक ओवर और सही सूत्र से हाथ से भी गणना की जा सकती है। कैलकुलेटर दशमलव परिणाम जल्दी देता है, लेकिन 17.4 ओवर, ऑल आउट पारी या डकवर्थ-लुईस-स्टर्न जैसे मामलों का नियमगत अर्थ अपने-आप नहीं समझता। इसलिए पहले आधिकारिक स्कोरकार्ड और खेल शर्तें जाँचें, फिर कैलकुलेटर से केवल अंक सत्यापित करें।
रन रेट की गणना समझने के बाद अगला कदम है उसे विकेट, पावरप्ले और गेंदबाजी अर्थव्यवस्था के साथ पढ़ना। IPL समाचार पर उपलब्ध मैच समीक्षा और खिलाड़ी आंकड़े इस विश्लेषण को अधिक सटीक बनाने में मदद करते हैं।
सही गणना सीख चुके हैं—अब इसे मैच विश्लेषण में लागू करें।
पढ़ने के लिए धन्यवाद।
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